“बड़े ज़ोर की क्रांति लगी है – एक ज़बरदस्त सोशल मीडिया व्यंग्य | Subhash Chander”

व्यंग्य
बड़े जोर की क्रांति लगी है
सुभाष चंदर
वह जल्दी के घोड़े पर सवार होकर,भडभड़ाते हुए आए । मुँह की बंदूक में धमकी की गोली भरी और मुझ पर दाग दी। इसके बाद जोर से चिल्लाए ,”
“सुनो ,मुझे बड़े जोर की क्रांति लगी है , मुझे क्रांति करनी है,दुनिया की कोई ताक़त मुझे क्रांति करने से नहीं रोक सकती।”
मैंने उनके आगे पीछे ,ऊपर – नीचे दाएं बाएं सब तरफ देखा ,मुझे तो कोई ऐसा नहीं दिखाई दिया जो उन्हें क्रांति जैसे पुण्य कार्य से रोकने पर आमादा हो।
उन्होंने मुझे इधर उधर देखते पाया तो भिनक गए ,बोले – “तुमने सुना नहीं ,मुझे क्रांति करनी है ।”
मैंने भी कह दिया – “कर लो, क्रांति ही तो तो एक काम है जो करने के लायक बचा है। सब करते हैं ,तुम भी कर लो।”
इस पर उन्होंने मेरी ओर गौर से देखा । जब उन्हें यकीन हो गया कि मैं ने सचमुच गंभीरता का शाल ओढ़ रखा है तो वह निश्चिंत हुए। उसके बाद वह तनिक धीमे स्वर में बोले -” पर यह तो बताओ ,क्रांति कब से शुरू करूं ? मतलब समझ रहे ना ?”
” अरे , क्रांति के वक्त का क्या है ,क्रांति तो दुधारू बकरी है जब चाहे दुह लो ।”
“हम्म ,ये तुमने ठीक बताई । तो आज से ही शुरू करता हूं। “वह चहके । फिर एकाएक उन्हें कुछ याद आया।फिर बोले , “पर यार ये तो बताओ,क्रांति करूं किस फील्ड में ?”
मुझे उनकी ईमानदारी और उससे भी ज्यादा मुझ जैसी नाचीज़ शख्सियत से ऐसा पूछने की बात पसंद आईं ।
सो मैंने खुशी खुशी उन्हें सलाह की गठरी पकड़ा दी, बोला- “मेरी मानो तो घर से ही शुरुआत कर दो ।”
अबकी वह चौंक पड़े- “घर से ? वो कैसे ?”
मैंने समझाया -” देखो अधिकांश बड़े क्रांतिकारी घर से ही शुरुआत करते हैं। फिर मुहल्ले ,शहर ,जिले ,प्रदेश से होते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचते है ,तुम भी ऐसा ही करो ।”
“वो तो ठीक है। पर घर से क्रांति कैसे हो सकती है ?”उनके स्वर में संशय था
मैंने उत्साह के कबूतर उड़ाते हुए कहा -“देखो तुम्हारा लड़का जवान है ,कुंवारा है , तुम उसके लिए लड़की देख रहे हो ,है ना ? वह चौंके – “तो ? लड़के की शादी का क्रांति से क्या मतलब ?”
“है ना, तुम घोषणा कर दो कि तुम लड़के की शादी में एक पैसा दहेज नहीं लोगे ,बस घर से क्रांति की शुरुआत हो जाएगी ,क्यों कैसा सुझाव है ?”
इतना सुनना था कि वह दीवाली के महंगे बम से फट पड़े,-
“तुम्हारा दिमाग खराब हो गया है। मेरा लाखों का नुक़सान कराना चाहते हो । लड़के को पढ़ा लिखाकर इस लायक बनाया कि उससे चार पैसे कमा सकूं। तुम तो मेरी सारी मेहनत मिट्टी में मिलाना चाहते हो ? बताना है तो कोई और तरीका बताओ जिसमें नुकसान न हो l”
मैने दिमागे को फिर काम पर लगाया। उसके अच्छे परिणाम निकले । मुझे जल्दी ही याद आ गया कि उनकी एक बेटी अंतरजातीय प्रेम विवाह करना चाहती है पर वह कतई भी उसके पक्ष में नहीं है। मुझे लगा कि यह तो उनके लिए सचमुच फायदे का सौदा रहेगा। क्रांति की क्रांति हो जायेगी और दहेज का खर्चा भी बच जायेगा, सेंत में ही लड़की के हाथ पीले हो जायेंगे। मैंने उन्हें यह बात याद दिलाई । बोला -”सुनो मेरी मानो तो बेटी की शादी उसकी मर्ज़ी से कर दो । इससे तुम्हारा क्रांति वाला शौक भी पूरा हो जाएगा और लड़की कि शादी में होने वाला मोटा खर्च भी बच जाएगा l क्यों हैं ना बढिया आइडिया? इतना सुनते ही वह आग और बबूले का मिश्रण हो गए। भड़ककर बोले ,” हद करते हो,तुम दोस्त हो या दुश्मन ? मै लड़की की शादी गैर जाति में करूँगा तो खानदान की नाक नहीं कट जायेगी। खबरदार जो ऐसी बात की तो l”
कुछ देर वह मुंह सुजाए रहे । मैं अपनी गलती से उनकी खानदान की कटती नाक का वीडियो रीवाइंड करके देखता रहा। कल्पना करता रहा कि वह बिना नाक के कैसे लगेंगे l पर उन्होंने मुझे कल्पना के कबूतर ज्यादा देर नहीं उड़ाने दिए और पिनपिनाकर बोले ,” मैं तुम्हें क्रांति करने की बात कह रहा हूं और तुम मेरे बेटे -बेटियों की शादी की बात कर रहे हो और वह भी इतनी गलत तरीके से। इस सबसे का क्रांति से क्या मतलब है ?” मैं थोड़ा परेशान होकर बोला, “तो तुम्ही बताओ ना? तुम्हें किस क्षेत्र में क्रांति के कबूतर उड़ाने हैं ? ”
वह बोले, “ कहीं भी, पर घर को छोड़कर बात करो, बता दूं कि मुझे बहुत जोर की क्रांति लगी है, मैं उसे किये बगैर रह नहीं सकता। ”
मैंने फिर कुछ देर सोच के तोते उडाये , तोते मेरे कानों में बुदबुदाए ,मैंने इस बुदबुदाहट को उनके कानों को ट्रांसफर कर दिया l बोला, “देखो, तुम सच में क्रांति करना चाहते हो तो रिश्वत लेना बंद कर दो ,यह देश और समाज पर तुम्हारा उपकार होगा l इससे ठोस टाइप की क्रांति भी हो जायेगी और तुम्हारी भविष्य की जेलयात्रा का डर भी निकल जाएगा l क्यों कैसी कही? ”
मैंने तो अपनी जान में बड़ी मार्के की बात कही थी पर वह तो बिफर गए ,बोले ,” मैं देख रहा हूँ कि तुम मुझे बर्बाद करने पर आमादा हो l घामड़ कहीं के,, रिश्वत लेना बंद कर दूंगा तो शान की जिंदगी का क्या होगा ,बीवी के गहने ,बच्चों की नयी नयी ड्रेसें कहाँ से आयेंगी और ..और .. वो जो जूली मैडम के साथ जो अफेयर चल रहा है , उसके महंगे खर्चे कहाँ से उठाऊंगा ? बंद करो यह बकवास।”
उनकी बात सुनकर मेरा मन तो किया कि कि मैं उनका सर फोड़ दूं पर मैंने अपने ही माथे पर दुहत्थड़ मारकर काम चला लिया । वह कुछ देर तक मेरी क्रियाओं का अवलोकन करते रहे, जब मैं शांत हो गया तो उवाचे ,” यार समझा करो , अगर मैंने क्रांति नहीं कि तो मेरी हालत खराब हो जायेगी l” मैंने एक बार उन्हें और दो बार उनमें छिपी क्रान्ति को देखा ,कुछ सोचने का शगुन किया l फिर बोला ,”ऐसा करो , अब तुम सोशल मीडिया पर एक क्रांतिकारी पोस्ट डाल दोl “सुनते ही वह एकदम उत्साह के घोड़े पर सवार हो गए और जल्दी से बोले ,हाँ यह सही रहेगा । पर क्या लिखूं ?”
“लिख दो कि देश को क्रांति की जरुरत है , हम सबको क्रांति करनी है। मैंने तो क्रांति की शुरुआत कर दी है , आप लोग कब करोगे ? क्रांति जिंदाबाद l बस इतना काफी है , फिर बैठकर क्रांति पर आये लाइक- कमेंट गिनना ,तुम्हारा क्रांति वाला शौक भी पूरा हो जायेगा और कैसा भी नुक्सान नहीं होगा ,जलवा बनेगा सो अलग l ”
इतना सुनते ही उनका चेहरा खिल गया l इस खिले चेहरे से वह उवाचे ,”ये हुई ना समझदार वाली बात l बस अभी यह पोस्ट डालता हूँ l “कहकर वहां से निकल लिए ताकि सोशल मीडिया के पटल पर क्रांति जिंदाबाद लिख सकें l
इस तरह मेरी, उनकी और क्रांति तीनों की इज्जत बच गई

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