ज़िन्दगी में कभी कुछ अकारण नहीं होता
ज़िन्दगी में कुछ बातों का निवारण नहीं होता
राजा दशरथ के बेटे राम वन नहीं जाते तो
पुरुषोत्तम राम का उदाहरण नहीं होता
मुश्किलों में मुस्कुराना हैं आसां नहीं
जंगलो में घर बनाना हैं आसां नहीं
राम के जैसा पुत्र होना कठिन हैं मगर
भरत जैसा भाई भी होना हैं आसां नहीं
आप आवाज देना मैं चला आउंगा
कोई भी रिश्ता हो मैं निभा जाउंगा
आज जो आपका प्यार ना मिल सका
आपके दर से मैं रुवाशा चला जाऊंगा
गीत लिखने लगे और गाने लगे
गीत भँवरे भी मेरे गुनगुनाने लगे
हमसे पूछा गया प्रेम होता हैं क्या
हम मीरा की गाथाएं सुनाने लगे
है तो मुश्किल मगर हल हो जाएंगे
प्रश्न सारे ये जीवन के हल हो जाएंगे
मैं गणित का एक उलझा हुआ प्रश्न हूँ
तुम मिलो तो सही हम हल हो जाएंगे
चलो अधिकारों का प्रयोग कर लिया जाए
प्यार हैं तो फिर इज़हार कर दिया जाए
सोचता हूँ की खत लिख दूँ मैं उसे लेकिन
डर हैं कि खत मेरे अख़बार न हो जाए