हम नयी रौशनी हैं भारत की | आकांक्षा सिंह “अनुभा”

हम नयी रौशनी हैं भारत की

हम नयी रौशनी हैं भारत की,

हम सदी के उजले दीपक हैं।

ना झुकने वाले हौसलों वाले,

हम युग की जीती परिभाषा हैं।।

 

प्रश्न उठे जब मातृभूमि पर,

तो उत्तर हम बन जाएंगे।

सीमा हो या विज्ञान का पथ,

हर क्षेत्र में हम लहराएंगे।।

 

ना तोड़ेंगे, ना बिकेंगे हम,

ना धर्म, ना जाति में बंटेंगे।

संविधान की शपथों को लेकर,

सच्चे नागरिक बन उठेंगे।।

 

कंठ हमारा मंत्र हो भारत,

हृदय में इसकी धड़कन हो।

जो ग़रीब हैं, जो पीछे हैं,

हम उनके लिए किरण बने हों।।

 

अब वादा है, नयी पीढ़ी का,

ना डरेंगे, ना रुक जाएंगे।

भारत को श्रेष्ठतम बनाने में,

हर दिन नया इतिहास रचाएंगे।।

हर दिन नया इतिहास रचायेंगे ।।

– आकांक्षा सिंह “अनुभा”
उद्घोषिका, आकाशवाणी, रायबरेली।

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