1 –
नहीं दुनिया को जब परवाह हमारी,
तो फिर दुनिया की परवाह क्यूँ करें हम।
2 –
अब मैं सारे जहाँ में हूँ बदनाम,
अब भी तुम मुझको जानती हो क्या..!!
3 –
है रूह प्यासी कहाँ से आती है,
ये उदासी कहाँ से आती है।
4 –
मुझसे कहती थीं वो शराब आँखें,
आप वो ज़हर मत पिया कीजे….!
5 –
सारे रिश्ते तबाह कर आया,
दिल-ए-बर्बाद अपने घर आया
मैं रहा उम्र भर जुड़ा खुद से,
याद मैं खुद को उम्र भर आया।
6 –
मुझे अब तुम से डर लगने लगा है,
तुम्हें मुझ से मोहब्बत हो गई क्या..!
7 –
शर्म, दहशत, झिझक, परेशानी,
नाज़ से काम क्यों नहीं लेती,
आप, वो, जी, मगर, ये सब क्या है,
तुम मेरा नाम क्यों नहीं लेतीं।
8 –
ये काफ़ी है कि हम दुश्मन नहीं हैं,
वफ़ा-दारी का दावा क्यूँ करें हम।
9 –
चेहरों के लिए आईने कुर्बान किये हैं,
इस शौक में अपने बड़े नुकसान किये हैं,
महफ़िल में मुझे गालियाँ देकर है बहुत खुश,
जिस शख्स पर मैंने बड़े एहसान किये है।
10 –
जमा हम ने किया है ग़म दिल में,
इस का अब सूद खाए जाएँगे।
11 –
उस गली ने ये सुन के सब्र किया,
जाने वाले यहाँ के थे ही नहीं।