पढ़ना होगा | कवि विमल कुमार ‘बेबी’

कविता

शीर्षक : पढ़ना होगा

 

अपनो ने यह बतलाया हैं |

सबसे पहले पढ़ना होगा ||

 

सपनो को भी गढ़ना होगा,

रात और दिन पढ़ना होगा |

देश और अपनो के खातिर,

कुछ ना कुछ तो करना होगा ||

 

अपनो ने यह बतलाया हैं |

सबसे पहले पढ़ना होगा ||

 

तुमको जब कुछ करना होगा,

तब बाधाओं का आना होगा |

तब तुम इतना रखना ध्यान,

इनसे तुमको लड़ना होगा ||

 

अपनो ने यह बतलाया हैं |

सबसे पहले पढ़ना होगा ||

 

✍️ कवि विमल कुमार ‘बेबी’

बांगरमऊ, उन्नाव

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