1-
“हम वह हैं जो हमें हमारे विचार बनाते हैं। इसलिए इस बात का ध्यान रखें कि आप क्या सोचते हैं। शब्द गौण हैं। विचार जीवंत रहते हैं, वे यात्रा करते हैं, वे दूसरों को प्रभावित करते हैं।”
— स्वामी विवेकानंद
2 –
“यदि आप एक पुस्तक को पढ़कर यह महसूस करते हैं कि लेखक ने आपके मन के भावों को शब्द दे दिए हैं – तो वह पुस्तक आपकी अपनी हो जाती है।”
— विराज शर्मा, “मन की आवाज़”
3-
“हर सुबह हमें यह बताने आती है कि एक और अवसर मिला है कुछ अच्छा करने का, बेहतर बनने का।”
— रवींद्रनाथ ठाकुर
4 –
“अपने लक्ष्य को इतना ऊँचा रखो कि वह तुम्हें रोज़ सुबह उठने की वजह दे।”
— डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
5 –
“सपने वो नहीं जो नींद में आते हैं, सपने वो हैं जो आपको नींद नहीं आने देते।”
– डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम
6 –
“हार मत मानो, क्योंकि एक कोशिश और बाकी है।”
— अज्ञात
7 –
“जब तुम किसी चीज़ को दिल से चाहते हो, तो पूरी कायनात तुम्हें उससे मिलाने में लग जाती है।”
– पाउलो कोएलो
8 –
“सच्चाई कभी चोट नहीं पहुँचाती, वह तो केवल उस भ्रम को नष्ट करती है जिससे हम पीड़ित रहते हैं।”
– महात्मा गांधी
9 –
“जो बीत गया, उसे सोचकर क्या करना। जो आने वाला है, उसकी चिंता से क्या डरना। जो आज है, बस उसे जी भर कर जी लो।”
— कबीर
10 –
“प्रेम बांटना जितना सरल है, उससे कहीं अधिक कठिन है उसे बिना अपेक्षा के निभाना।”
— रवींद्रनाथ ठाकुर
11 –
किसी को तुम दिल से चाहो और वो तुम्हारी कदर न करे तो
ये उनकी बदनसीबी है तुम्हारी नहीं।
—अमरनाथ भल्ला, लुधियाना
12 –
हमें हार नहीं माननी चाहिए और समस्या को हमें हराने की
अनुमति नहीं देनी चाहिए।
– डॉ. ए पी जे अब्दुल कलाम
13 –
बकरे के जीवन का मूल्य मनुष्य के जीवन से कम नही है। जो जीव जितना अधिक अपग है, उतना ही उसे मनुष्य की कूरता से बचने के लिये मनुष्य का आश्रय पाने का अधिकार है।
– महात्मा गाँधी
14-
कठोर वचन तुम्हारे शरीर को भेद नहीं सकते। अगर कोई आपके बारे में बुरा बोलता है, तो बस बेफिक्र होकर चलते रहें।
– साईं बाबा
15 –
यदि आप धनवान हैं, तो विनम्र बनें।
फल लगने पर पौधे झुक जाते हैं।
– साईं बाबा
16 –
आप केवल खड़े होकर
पानी को घूर कर
समुद्र पार नहीं कर सकते।
– रविंद्रनाथ टैगोर
17 –
परमात्मा में विश्वास और उनके प्रति स्वार्पण करने वाले मानव को कभी किसी वस्तु की कमी नहीं रहती।
—श्री वैणीराम शर्मा
18 –
मनुष्य के जीवन की
सफलता इसी में है कि
वह उपकार करने वाले
व्यक्ति को कभी न भूले।
—वेद व्यास
19 –
संसार में ऐसे लोग थोड़े ही होते हैं,
जो कठोर किंतु हित की बात कहने वाले होते है
– महर्षि वाल्मीकि
20 –
जो अकेले चलते है,
वे तेजी से बढ़ते है |
“नैपोलियन”
21 –
भक्ति वह है जो ज्ञान उत्पन्न करती है;
ज्ञान वह है जो स्वतंत्रता को गढ़ता है।
– तुलसीदास
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जय हिंद, जय भारत…❣️🙏