तुम मेरे चाँद हो
तुम चांद हो इसलिए नहीं कि,
तुम खूबसूरत हो,
बल्कि इसलिए क्योंकि,
सफर में जब सबकुछ पीछे छुट रहा था,
तुम,तब भी
मेरे साथ चले,मेरे साथ रहे।
डॉ- लक्की राज
तुम मेरे चाँद हो
तुम चांद हो इसलिए नहीं कि,
तुम खूबसूरत हो,
बल्कि इसलिए क्योंकि,
सफर में जब सबकुछ पीछे छुट रहा था,
तुम,तब भी
मेरे साथ चले,मेरे साथ रहे।
डॉ- लक्की राज