ज्ञान का दीप जले जहाँ,
अंधकार वहाँ टिक न पाए।
शिक्षा वह शक्ति है जो,
जीवन को अर्थ सिखाए।
ना हो धन, ना हो वैभव,
पर हो अगर विद्या साथ।
हर संकट सरल हो जाए,
बन जाएं हम अपने आप।
शब्दों में हो मधुरता,
विचारों में हो तेज।
शिक्षा से ही संभव है,
हर सपना, हर संदेश।
गुरु का सम्मान करो,
पुस्तकों से प्यार करो।
– नितेंद्र सिंह