“शब्दों में जज़्बात – चुनिंदा हिंदी कविताएं और शेर | Shabdanjali Series”

1 –
हालात बदलने से यह दस्तूर हो गए,
साया थे जितने ख्वाब चकनाचूर हो गए।
तेरा की किसी बाँह के घेरे में घर हुआ,
हम भी किसी की माँग का सिंदूर हो गए।

2 –
मायूस होके द्वार से लाचार जाएगा,
इस झूठ का हर वार ही बेकार जाएगा।
ये ठीक है कि थोड़ी देर लग रही है पर,
कैसे लगा ये तुमको की सच हार जाएगा

3 –
कल भोर की चिंता में नींद न आनी,
रावण नही है मारना, रोटी है कमानी।
हम राम तो नही, मगर यह बात भी सच है,
हर आदमी की होती है एक राम कहानी।

4 –
डरना नही किसी की पैरों की नाप से,
आखिर में पुण्य जीत ही जायेगा पाप से।
गीता में कृष्ण ने कहा अर्जुन से बस यही,
पहली लड़ाई जीतनी है अपने आप से ।

5 –
काँटे बना रहे कोई गुल बना रहे,
कुछ लोग कही काक को बुलबुल बना रहे।
तुम रास्तों को खाई में तब्दील कर रहे हम,
लोग उन्ही खाइयों पे पूल बना रहे।

6 –
जब डर पता चला तभी ताकत पता चली,
सीने में आग सीने की हिम्मत पता चली।
शर्तो पे तेरी बिकने से इन्कार कर दिया,
जब जाके अपने आप की कीमत पता चली।

7 –
आँखों से मेरे नींद की आहट चली गयी,
वो घर से गया घर की सजावट चली गयी।
इतनी हुई खता की लब को लब से छू लिया,
इन शहद से होंठो की तरावट चली गयी।

8 –
मुश्किल थी सम्हालना ही पड़ा घर के वास्ते,
फिर घर से निकालना ही पड़ा घर के वास्ते।
मजबूरीयों का नाम हमने शौक रख दिया,
हर शौक बदलना ही पड़ा घर के वास्ते।

9 –
जंगल जो जलाए थे उनमे बस्तियां भी थी
काँटो के साथ फ़ूल पे कुछ तितलियाँ भी थी।
तुमने तो गला घोंट दिया तुमको को क्या एहसास
इसमे किसी के नाम की कुछ हिचकियां भी थी।

10 –
किस्मत की बाजियों पर इख्तियार नहीं है,
सब कुछ है जिंदगी मे मगर प्यार नहीं है।
कोई था जिसको यार करके गा रहे हैं हम,
आँखों मे किसी का अब इंतजार नहीं है।

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