मेरा आराध्य | डॉ. लक्की राज

मेरा आराध्य

 

फंसी हूं जिंदगी के कुरूक्षेत्र में,

 

अभिमन्यु की तरह तो क्या हुआ

 

मैदान तो मैं छोड़ने वाली नहीं,

 

और मुझे बचाने वाला भी जरूर आएगा।

 

डॉ. लक्की राज

Subscribe
Notify of
guest
1 Comment
Oldest
Newest Most Voted
Amit Kumar

Nice Lines 🙂