“प्रमेय: भगवंत अनमोल की लेखनी से जीवन के सिद्धांत | शब्दांजलि”

1-
उसने बड़ी अच्छी तकरीर दी, ” इसका मज़हब इस्लाम है। यमराज को मानती ही नहीं, कैसे ले जा सकते हो ? ”
यमराज ने इस पर जोर का ठहाका लगाया, ” तुम बहुत नादान हो। जब इस्लाम मज़हब नहीं था, तब भी मैं ही ले जाता था। जब आपको धर्म का ज्ञान तक नहीं था तब भी मैं ले जाता था। ”

2 –
जब भी मैं पूजा करता था, तो मेरी मां और पिता जी को लगता कि उनका बेटा बहुत संस्कारी है। मानो श्री राम ने ही कलयुग में जन्म लिया है और जिस दिन भी पूजा – पाठ करना भूल जाता तो मुझे यह अहसास कराने से नहीं चूकते थे कि मैं ही इस कलयुग का रावण हूं।

3 –
मेरा मन असल में विज्ञान और धर्म के बीच सैंडविच बन गया था।

4 – विज्ञान के अनुसार स्लीपिंग चेयर वह चेयर होती है, जिसमें अगर कोई लेट जाए और यान प्रकाश की रफ़्तार में चले तो व्यक्ति की उम्र नहीं बढ़ती है। जिस वजह से उसे इस यात्रा में सोते हुए 1400 वर्ष तो हो गए थे। पर उसकी उम्र पच्चीस बरस की थी।

5 –
आकर्षण का सिद्धांत कहता है, ” अपने मन का आंगन इतना सकारात्मक कर लो कि नकारत्मक के लिए जगह ही न बचे, फ़िर देखना तुम्हारी कौन – सी ख्वाहिश पूरी नहीं होती। ”

6-
लेखन में कितनी शक्ति होती है, काल्पनिक कहानी पाठकों को असल में रुला देती है।

7 –
प्रेम धर्म के बंधन को तोड़ देता है और नफ़रत और देश की लकीरें खींच देती है।

8 –
जीवन से बड़ी कोई अन्य वस्तु नहीं है। जीवन है तभी हम पुण्य करके ईश्वर को प्राप्त कर सकते हैं। अगर जीवन ही नहीं रहेगा तो हम ईश्वर को प्राप्त करने के लिए यत्न कैसे कर सकते हैं।

9 –
विश्वाश में बहुत बड़ी शक्ति होती है। कछुए के काटने पर उसे सांप समझ लें तो मौत हो सकती है अगर सांप के काट लेने पर उसे चूहा समझ लें तो विष आपके रक्त में पानी की तरह बह सकता है।

10 –
मैंने एक किताब में पढ़ा था कि प्रेम कोई सिद्ध करने वाली चीज़ नहीं है। यह तो खुद इंसान को समझ आती है। कहते हैं कि जो खामोशी न समझे वह अल्फ़ाज़ क्या समझेंगे।

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स्रोत…
पुस्तक ~ प्रमेय
लेखक – भगवंत अनमोल
प्रकाशन – राजपाल
पृष्ठ संख्या – 11, 20, 22, 25, 36, 37, 38, 42, 43, 51

नोट –
लेखनशाला संस्था की ‘शब्दांजलि’ का उद्देश्य आपकी पुस्तक की सहायता से उदास चेहरों पर खुशियों की एक छोटी सी झलक दिखाना है। यदि आपको लगता है कि आपकी पुस्तक का उपयोग करने में हमने कोई गलती की है, तो मैं आपसे व्यक्तिगत रूप से क्षमा चाहता हूं। आप हमें नीचे दिए गए ईमेल पते पर संदेश भेज सकते हैं और हमारी टीम आपकी पोस्ट को दो दिनों के अंदर हटा देगी। धन्यवाद।
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