“इकिगाई और सौ वर्ष की जीवन कला: सक्रियता, स्वास्थ्य और मन की शक्ति | Lekhanshala शब्दांजलि”

1-
‘ सौ वर्ष जीने की चाहत आप में तभी होगी
जब आपका हर पल सक्रियता से भरा हो।’

2 –
‘ इकिगाई ‘ शब्द जापान के लोगों की लंबी आयु का रहस्य बताता है।

3-
जिस गति से खरगोश भविष्य में चल रहा है वह है हमारा तंत्रज्ञान। हम जितना तकनीकी विकास करेंगे और अपने शरीर को समझेंगे उतना ही हम खरगोश को तेज़ भगाने में सफ़ल होंगे।

4 –
शरीर और मन ये दोनों महत्वपूर्ण हैं। इन दोनों का स्वास्थ्य एक – दूसरे पर निर्भर होता है।

5 – जोश से भरा हुआ मन हमेशा आपको जवान रखता है और उम्र बढ़ने के आसार कम दिखाई देता है।

6 – जिस प्रकार से शारीरिक व्यायाम न करने की वजह से हमारे शरीर और जोश पर बुरा असर होता है, वैसे ही यदि हम मानसिक व्यायाम न करें तो हमारी न्यूरोलॉजिकल यंत्रणा भी कमज़ोर कर देता है।

7 –
मस्तिष्क और मन को व्यायाम की जरूरत होती ही है ऐसा बताने वाले न्यूरोलॉजिस्ट शालोमो ब्रेझनाइट कहते हैं, ” दिमाग को हमेशा उत्तेजित और कार्यक्षम रखने के लिए उसे व्यायाम मिलना ही चाहिए।”

8 –
लगातार तनाव में रहना शरीर के लिए हानिकारक होता है, साथ ही यह मस्तिष्क की याद्दाश्त से संबंधित पेशियों पर भी नकारात्मक असर करता है।

9 –
एक ही जगह बैठे रहने से हायपर टेंशन, बदहजमी, हृदयरोग तथा हड्डियों का कमज़ोर होना जैसी तकलीफें शुरू हो जाती हैं।

10-
सात से नौ घंटे की नींद हमारे लिए सही है। लेकिन इससे ज्यादा मात्रा में नींद हमें सुस्त बना देती है।

 

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स्रोत…
पुस्तक ~ इकिगाई
लेखक – हेक्टर गार्सिया, फ़्रान्सिस मिरेलस
हिंदी अनुवाद ~ प्रसाद ढापरे
प्रकाशन – मायमिरर पब्लिशिंग हाऊस
पृष्ठ संख्या – 11, 27, 29, 35, 38, 39

नोट –
लेखनशाला संस्था की ‘शब्दांजलि’ का उद्देश्य आपकी पुस्तक की सहायता से उदास चेहरों पर खुशियों की एक छोटी सी झलक दिखाना है। उन्हें कुछ बताना है, कुछ सिखाना है। यदि आपको लगता है कि आपकी पुस्तक का उपयोग करने में हमने कोई गलती की है, तो मैं आपसे व्यक्तिगत रूप से क्षमा चाहता हूं। आप हमें नीचे दिए गए ईमेल पर पोस्ट हटाने हेतु संदेश भेज सकते हैं और हमारी टीम आपकी पोस्ट को दो दिनों के अंदर हटा देगी। धन्यवाद।
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