मेरा सौ सौ बार प्रणाम है | बंदना पंचाल ( गुजरात )

मेरा सौ सौ बार प्रणाम है

 

देश की रक्षा की खातिर

जो देते अपनी जान हैं,

ऐसे वीर सपूतों को मेरा

सौ सौ बार प्रणाम है।

 

घनी वादियां ऊँचे पर्वत

बर्फीली चट्टाने हो,

उफ़ तक करते नहीं दोस्तों

उनकी यही पहचान है।

ऐसे वीर सपूतों को मेरा

सौ सौ बार प्रणाम है।

 

दुश्मन चाहे हो बलशाली

उसको मुंह की खानी है।

देते हैं अंजाम सिरफिरे

जो भी मन में ठानी है।

 

अपना परचम लहराता रहे

उनका यही अरमान है।

ऐसे वीर सपूतों को मेरा

सौ सौ बार प्रणाम है।

 

रणभूमि में डट जाएं तो

अपनी परवाह नहीं करते हैं।

प्राण न्योछावर करते हैं

संग कितनों को ले मरते हैं।

 

उनके मजबूत इरादों से

देश की आन और शान है।

ऐसे वीर सपूतों को मेरा

सौ सौ बार प्रणाम है।

– बंदना पंचाल ( गुजरात )

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Akanksha Singh

सुंदर रचना। शुभकामनाएँ ।

Varsha vasani

Bahut sundar rachana ❤️

Richa Pardeshi

वीर जवान को समर्पित सुन्दर कविता |

Panchal Abhinav

That’s amazing

Radha

Sau sau bar pranaam… Very nice

Dhirendra Singh Bhadoriya

जय हिंद
खूब सुंदर
राष्ट प्रेम और जवानों के शौर्य की अद्भुत गाथा
बंदनाजी धन्यवाद
इसी तरह लिखते रहीए

Mithilesh Sharma

Bahut sunder rachana

Pandey Manju ben

बहुत ही सुंदर रचना… अग्रिम शुभकामनाएं