लेखनशाला की अनूठी पहल: पहली राष्ट्रीय साहित्य प्रतियोगिता का आगाज़

रायबरेली : हिंदी साहित्य को एक सशक्त मंच प्रदान करने और नवोदित लेखकों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के उद्देश्य से लेखनशाला संस्था द्वारा प्रथम ‘राष्ट्रीय साहित्य प्रतियोगिता’ का आयोजन किया जा रहा है। यह प्रतियोगिता 15 अगस्त 2025 को हिंदी भाषा में देशभक्ति विषय पर आधारित होगी। प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण प्रक्रिया आरंभ हो चुकी है, जिसमें देशभर से रचनाकार भाग ले सकते हैं।

 

प्रतियोगिता में कविता, कहानी, ग़ज़ल, निबंध, शायरी और सुविचार जैसी विधाओं में रचनाएँ आमंत्रित की गई हैं। रचना की शब्द सीमा 50 से 250 शब्दों के बीच निर्धारित की गई है।

 

संस्था के संस्थापक अभय प्रताप सिंह, जो कि रायबरेली जनपद के ग्राम बेनीकोपा (कबीर वैनी) के निवासी हैं, ने बताया कि—

 

> “लेखनशाला की यह प्रतियोगिता न केवल साहित्यिक अभिव्यक्ति का अवसर है, बल्कि हर प्रतिभागी को मंच और मान-सम्मान देने का प्रयास भी है। हमारी थीम है –

‘लेखनशाला: जहाँ ख़ामोशी भी बोल उठे’।”

उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय पुरस्कार के साथ-साथ शीर्ष 10 और शीर्ष 20 प्रतिभागियों को विशेष सम्मान प्रदान किया जाएगा। इसके अतिरिक्त सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाणपत्र भी दिया जाएगा।

 

🧾 निर्णायक मंडल:

प्रतियोगिता के विजेताओं का चयन ख्यातनाम साहित्यकारों की निर्णायक समिति द्वारा किया जाएगा, जिसमें शामिल हैं:

 

डॉ. रश्मि श्रीवास्तव (वरिष्ठ साहित्यकार, लखनऊ)

 

डॉ. संतलाल (हिंदी भाषा सलाहकार, रायबरेली)

 

राजपाल सिंह (लेखक, यूनिवर्सल सामान्य हिंदी)

 

 

📅 रचनाएँ भेजने की अंतिम तिथि: 10 अगस्त 2025

📢 परिणाम की घोषणा: 15 अगस्त 2025

 

संस्था की ओर से बताया गया कि प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतिभागियों को किसी भी प्रकार की सहायता की आवश्यकता होने पर टीम लेखनशाला पूर्ण सहयोग हेतु तत्पर रहेगी।

 

📌 देश के कोने-कोने से युवा और वरिष्ठ रचनाकारों से अपील की गई है कि वे इस रचनात्मक अभियान में भाग लें और अपनी लेखनी से देशभक्ति का भाव जागृत करें।

 

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अर्चना कुमारी

बहुत सुन्दर