समाजसेवक अतुल सिंह अंगद : इंसानियत की मिसाल
समाज के उत्थान और जनकल्याण को जीवन का ध्येय बनाने वाले व्यक्तित्वों में ” अतुल सिंह अंगद ” का नाम बड़ी गरिमा और आदर से लिया जाता है। उन्होंने यह सिद्ध कर दिया है कि सच्ची सेवा वही है, जो बिना किसी प्रसिद्धि या लाभ की इच्छा के केवल मानवता के लिए की जाए।
अतुल सिंह अंगद ने हमेशा गरीब, वंचित और ज़रूरतमंद परिवारों की मदद को प्राथमिकता दी है। शिक्षा के क्षेत्र में उनका योगदान उल्लेखनीय है। वे आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को न केवल पढ़ाई की सामग्री उपलब्ध कराते हैं बल्कि उन्हें आत्मविश्वास और प्रेरणा भी देते हैं कि वे कठिनाइयों के बावजूद आगे बढ़ें। उनका मानना है कि “एक पढ़ा-लिखा बच्चा पूरे परिवार का भविष्य बदल सकता है।”
उनकी कोशिश रहती है कि समाज का हर वर्ग स्वस्थ और सुरक्षित जीवन जी सके।
युवाओं को सही दिशा देना और उन्हें समाज सेवा से जोड़ना भी उनके जीवन का महत्वपूर्ण मिशन है। वे हमेशा यह संदेश देते हैं कि “देश की असली ताकत युवा हैं, और यदि युवा सही दिशा में आगे बढ़ें तो कोई भी बदलाव असंभव नहीं।” इस सोच ने कई युवाओं को प्रेरित कर उनके साथ समाज सेवा की राह पर ला खड़ा किया है।
” अतुल सिंह अंगद ” सच्ची मानवता और निस्वार्थ सेवा के प्रतीक हैं। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और समाज सुधार के क्षेत्र में जो कार्य किए हैं, वह नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं। उनका जीवन संदेश देता है कि छोटा-सा प्रयास भी समाज में बड़ा बदलाव ला सकता है।
लेखनशाला अभिव्यक्ति – 12
अतुल सिंह अंगद ( समाजसेवक )
लालगंज, रायबरेली