“मुझे बनना है UPSC टॉपर – निशांत जैन IAS की प्रेरणादायक यात्रा”

1 –
” जीवन की काली रातें हों, आशा सरिता सूख चली हो,
सरस सरोवर माना का जब मृगतृष्णा की मरूस्थली हो।
अंतिम सांसें लेती हो जब ये मेरी मिट्टी की काया,
पर क्या मेरे ज्ञान दीप को कोई कभी बुझाने पाया?
जग के प्रलय – तिमिर में मेरे अंतर्द्वीप जला करते हैं,
अभिशापों में वरदानों के स्वर्णिम फूल खिला करते हैं। ”

2 –
कुछ लोग वे, जो वक्त के सांचों ढल गए
कुछ लोग वे, जो वक्त के ढांचे में बदल गए।

3 –
अपना गम ले के कहीं और न जाया जाए,
घर में बिखरी हुई चीज़ों को सजाया जाए।
घर से मसजिद है बहुत दूर, चलो यूं कर लें,
किसी रोते हुए बच्चे को हंसाया जाय।। ”

4 –
” जितने कष्ट कंटकों में है, जिनका जीवन सुमन खिला,
गौरव गंध उन्हें उतना ही, यत्र – तत्र – सर्वत्र मिला। ”

5 –
श्रेय नहीं मेरा,
मैं तो डूब गया था स्वयं शून्य में,
वीणा के माध्यम से अपने को मैंने,
सबकुछ को सौंप दिया था —
सुना आपने जो वह मेरा नहीं,
न वीणा का था,
वह तो सबकुछ की तथता थी
महाशून्य
वह महामौन
अविभाज्य, अनाप्त, अद्र्वित, अप्रमेय,
जो शब्दहीन,
सब में गाता है। ”

6 –
खुलूस दिल में, जुबां पर मिठास रहने दो,
न खुद रहो, न किसी को उदास रहने दो।

7 –
लाख मुश्किल ज़माने में है,
रिश्ता तो बस निभाने में है।

8 –
सकारात्मक सोच संग उत्साह और उल्लास लिये ,
जीतेंगे हर हारी बाजी, मन में यह विश्वाश लिये।

ऊहापोह – अटकलें – उलझनें, अवसादों का कर अवसान,
हो बाधाएं कितनी पथ में, चेहरों पर बस हो मुस्कान।

अंतर्मन में भरी हो ऊर्जा, नई शक्ति का हो संचार,
डटकर चुनौतियों से लड़कर, जीतेंगे सारा संसार।

ले संकल्प सृजन का मन में, उम्मीदों से हो भरपूर,
धुन के पक्के उस राही से, मंजिल है फ़िर कितनी दूर।

जागें ज्ञान और प्रेम धरा पर, गुंजे कुछ ऐसा संदेश,
नई चेतना से जाग्रत हो, सुप्त पड़ा यह मेरा देश।

9 –
अगर देखना चाहते हो इनकी उड़ान को,
तो थोड़ा और ऊंचा कर दो आसमान को।

10 –
कौन कहता है आसमां में छेद हो सकता नहीं,
एक पत्थर जरा तबियत से उछालो यारों।
___

स्रोत…
पुस्तक ~ मुझे बनना है UPSC टॉपर
लेखक ~ निशांत जैन IAS
प्रकाशन – प्रभात
पृष्ठ संख्या – 16, 19, 22, 25, 30, 31, 112, 186

नोट –
लेखनशाला संस्था की ‘शब्दांजलि’ का उद्देश्य आपकी पुस्तक की सहायता से उदास चेहरों पर खुशियों की एक छोटी सी झलक दिखाना है। उन्हें कुछ बताना है, कुछ सिखाना है। यदि आपको लगता है कि आपकी पुस्तक का उपयोग करने में हमने कोई गलती की है, तो मैं आपसे व्यक्तिगत रूप से क्षमा चाहता हूं। आप हमें नीचे दिए गए ईमेल पर पोस्ट हटाने हेतु संदेश भेज सकते हैं और हमारी टीम आपकी पोस्ट को दो दिनों के अंदर हटा देगी। धन्यवाद।
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